आज क्या है 22 मई 2026: व्रत, त्योहार, पंचांग, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

22 मई 2026 आज शुक्रवार का दिन है और धार्मिक दृष्टि से यह दिन अत्यंत शुभ माना जा रहा है। आज ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष महत्व रखता है। अधिक मास में किए गए जप, दान, व्रत और पूजा का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है।

आज का दिन मानसिक शांति, धन-समृद्धि और पारिवारिक सुख के लिए बेहद उत्तम माना जा रहा है। यदि आप आज का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और धार्मिक महत्व जानना चाहते हैं, तो आइए विस्तार से जानते हैं।

आज कौन सा व्रत और त्योहार है?

आज कोई बड़ा प्रमुख त्योहार नहीं है, लेकिन शुक्रवार होने के कारण माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। साथ ही अधिक मास में भगवान विष्णु की आराधना करने से जीवन के कष्ट दूर होने की मान्यता है। आज का दिन पूजा-पाठ, दान और सात्विक जीवन अपनाने के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

आज का पंचांग – 22 मई 2026

  • वार: शुक्रवार
  • तिथि: षष्ठी तिथि (दोपहर 12:18 बजे तक, इसके बाद सप्तमी तिथि)
  • नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र (शाम 05:02 बजे तक, इसके बाद आश्लेषा नक्षत्र)
  • योग: गण्ड योग (रात 08:11 बजे तक, इसके बाद वृद्धि योग)
  • करण: तैतिल करण (दोपहर 12:18 बजे तक, इसके बाद गर करण)
  • मास: ज्येष्ठ अधिक मास
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष

सूर्योदय और सूर्यास्त

  • सूर्योदय: सुबह 05:27 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 07:09 बजे

चंद्रोदय और चंद्रास्त

  • चंद्रोदय: सुबह 09:10 बजे
  • चंद्रास्त: रात 11:58 बजे

आज का शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:05 बजे से 04:46 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:34 बजे से 03:28 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:08 बजे से 07:29 बजे तक

आज का राहुकाल

  • राहुकाल: सुबह 10:39 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक
  • यमगंड काल: दोपहर 03:42 बजे से शाम 05:26 बजे तक
  • गुलिक काल: सुबह 07:11 बजे से 08:55 बजे तक

(राहुकाल में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।)

आज का धार्मिक महत्व

आज शुक्रवार का दिन होने के कारण माता लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि अधिक मास में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और आर्थिक परेशानियाँ दूर होती हैं। पुष्य नक्षत्र को भी बेहद शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए शुभ कार्य लंबे समय तक अच्छे परिणाम देते हैं। आज के दिन दान-पुण्य और मंत्र जाप का विशेष महत्व है।

आज क्या करें?

  • माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करें।
  • घी का दीपक जलाएं।
  • सफेद या पीले पुष्प अर्पित करें।
  • ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः मंत्र का जाप करें।
  • जरूरतमंद लोगों को भोजन या वस्त्र दान करें।

आज क्या नहीं करें?

  • राहुकाल में नया कार्य शुरू न करें।
  • किसी का अपमान न करें।
  • क्रोध और विवाद से बचें।
  • तामसिक भोजन का सेवन न करें।

निष्कर्ष

22 मई 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज अधिक मास, शुक्रवार और पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। श्रद्धा और नियम के साथ की गई पूजा आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि ला सकती है।


नोट: पंचांग और शुभ मुहूर्त की जानकारी विभिन्न धार्मिक स्रोतों एवं पंचांगों पर आधारित है। स्थान के अनुसार समय में थोड़ा अंतर संभव है। कृपया स्थानीय पंचांग से एक बार पुष्टि अवश्य करें।


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