सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

साप्ताहिक पंचांग: 1 जून से 7 जून 2026 | व्रत, त्योहार, राहुकाल और संपूर्ण शुभ मुहूर्त

1 जून 2026 (सोमवार) का पंचांग 

  •  तिथि: प्रतिपदा दोपहर 04:37 पी.एम. तक, इसके बाद द्वितीया।
  • नक्षत्र: ज्येष्ठा शाम 07:08 पी.एम. तक, इसके बाद मूल
  •  वार: सोमवार।
  • योग: सिद्ध सुबह 06:19 ए.एम. तक, इसके बाद साध्य।
  • करण: कौलव दोपहर 04:37 पी.एम. तक, इसके बाद तैतिल पूर्ण रात्रि तक।
  • सूरज-चांद का समय: सूर्योदय - 05:24 ए.एम., सूर्यास्त - 07:14 पी.एम., चंद्रोदय - 08:25 पी.एम., चंद्रास्त - 05:40 ए.एम.
  • शुभ मुहूर्त (अभिजीत): सुबह 11:51 ए.एम. से दोपहर 12:46 पी.एम. तक।
  • राहुकाल (अशुभ समय): सुबह 07:08 ए.एम. से सुबह 08:52 ए.एम. तक।
  • विशेष: विंशुड़ो, गंड मूल, आडल योग और इष्टि।


2 जून 2026 (मंगलवार) का पंचांग 

  • तिथि: द्वितीया शाम 07:01 पी.एम. तक, इसके बाद तृतीया।
  • नक्षत्र: मूल रात 10:06 पी.एम. तक, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा।
  • वार: मंगलवार।
  • योग: साध्य सुबह 07:16 ए.एम. तक, इसके बाद शुभ।
  • करण: तैतिल सुबह 05:49 ए.एम. तक, गर शाम 07:01 पी.एम. तक, इसके बाद वणिज।
  • सूरज-चांद का समय: सूर्योदय - 05:23 ए.एम., सूर्यास्त - 07:15 पी.एम., चंद्रोदय - 09:14 पी.एम., चंद्रास्त - 06:31 ए.एम.
  • शुभ मुहूर्त (अभिजीत): सुबह 11:51 ए.एम. से दोपहर 12:46 पी.एम. तक।
  • राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 03:47 पी.एम. से शाम 05:31 पी.एम. तक।
  • विशेष: गंड मूल, आडल योग और विडाल योग।

3 जून 2026 (बुधवार)  विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत

  • तिथि: तृतीया रात 09:21 पी.एम. तक, इसके बाद चतुर्थी।
  • नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा देर रात (04 जून) तड़के 12:59 ए.एम. तक, इसके बाद उत्तराषाढ़ा।
  • वार: बुधवार।
  • योग: शुभ सुबह 08:12 ए.एम. तक, इसके बाद शुक्ल।
  • करण: वणिज सुबह 08:12 ए.एम. तक, विष्टि/भद्रा रात 09:21 पी.एम. तक, इसके बाद बव।
  • सूरज-चांद का समय: सूर्योदय - 05:23 ए.एम., सूर्यास्त - 07:15 पी.एम., चंद्रोदय - 09:59 पी.एम., चंद्रास्त - 07:26 ए.एम.
  • शुभ मुहूर्त: बुधवार होने के कारण आज दोपहर का अभिजीत मुहूर्त वर्जित रहेगा।
  • राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 12:20 पी.एम. से दोपहर 02:03 पी.एम. तक।
  • विशेष: भद्रा (रात 09:21 पी.एम. तक), विडाल योग और विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत।

4 जून 2026 (गुरुवार) का पंचांग 

  • तिथि: चतुर्थी रात 11:30 पी.एम. तक, इसके बाद पंचमी।
  • नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा देर रात (05 जून) सुबह 03:41 ए.एम. तक, इसके बाद श्रवण।
  • वार: गुरुवार।
  • योग: शुक्ल सुबह 09:03 ए.एम. तक, इसके बाद ब्रह्म।
  • करण: बव सुबह 10:27 ए.एम. तक, बालव रात 11:30 पी.एम. तक, इसके बाद कौलव।
  • सूरज-चांद का समय: सूर्योदय - 05:23 ए.एम., सूर्यास्त - 07:16 पी.एम., चंद्रोदय - 10:39 पी.एम., चंद्रास्त - 08:22 ए.एम.
  • शुभ मुहूर्त (अभिजीत): सुबह 11:52 ए.एम. से दोपहर 12:47 पी.एम. तक।
  • राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 02:03 पी.एम. से शाम 03:47 पी.एम. तक।

5 जून 2026 (शुक्रवार) का पंचांग 

  • तिथि: पंचमी देर रात (06 जून) तड़के 01:20 ए.एम. तक, इसके बाद षष्ठी।
  • नक्षत्र: श्रवण नक्षत्र पूर्ण रात्रि तक।
  • वार: शुक्रवार।
  • योग: ब्रह्म सुबह 09:43 ए.एम. तक, इसके बाद इन्द्र।
  • करण: कौलव दोपहर 12:28 पी.एम. तक, तैतिल देर रात तड़के 01:20 ए.एम. (06 जून) तक, इसके बाद गर।
  • सूरज-चांद का समय: सूर्योदय - 05:23 ए.एम., सूर्यास्त - 07:16 पी.एम., चंद्रोदय - 11:14 पी.एम., चंद्रास्त - 09:20 ए.एम.
  • शुभ मुहूर्त (अभिजीत): सुबह 11:52 ए.एम. से दोपहर 12:47 पी.एम. तक।
  • राहुकाल (अशुभ समय): सुबह 10:36 ए.एम. से दोपहर 12:20 पी.एम. तक।
  • विशेष: सर्वार्थ सिद्धि योग, विडाल योग और विश्व पर्यावरण दिवस।

6 जून 2026 (शनिवार) का पंचांग 

  •  तिथि: षष्ठी देर रात (07 जून) तड़के 02:40 ए.एम. तक, इसके बाद सप्तमी।
  • नक्षत्र: श्रवण सुबह 06:03 ए.एम. तक, इसके बाद धनिष्ठा।
  • वार: शनिवार।
  • योग: इन्द्र सुबह 10:05 ए.एम. तक, इसके बाद वैधृति।
  • करण: गर दोपहर 02:04 पी.एम. तक, वणिज देर रात तक 02:40 ए.एम. (07 जून) तक, इसके बाद विष्टि/भद्रा।
  • सूरज-चांद का समय: सूर्योदय - 05:23 ए.एम., सूर्यास्त - 07:17 पी.एम., चंद्रोदय - 11:46 पी.एम., चंद्रास्त - 10:17 ए.एम.
  • शुभ मुहूर्त (अभिजीत): सुबह 11:52 ए.एम. से दोपहर 12:47 पी.एम. तक।
  • राहुकाल (अशुभ समय): सुबह 08:52 ए.एम. से सुबह 10:36 ए.एम. तक।
  • विशेष: सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, आडल योग और विडाल योग।

7 जून 2026 (रविवार) अधिक भानु सप्तमी

  • तिथि: सप्तमी देर रात (08 जून) तड़के 03:24 ए.एम. तक, इसके बाद अष्टमी।
  • नक्षत्र: धनिष्ठा सुबह 07:55 ए.एम. तक, इसके बाद शतभिषा।
  • वार: रविवार।
  • योग: वैधृति सुबह 10:02 ए.एम. तक, इसके बाद विष्कम्भ।
  • करण: विष्टि/भद्रा दोपहर 03:07 पी.एम. तक, बव देर रात तड़के 03:24 ए.एम. (08 जून) तक, इसके बाद बालव।
  • सूरज-चांद का समय: सूर्योदय - 05:23 ए.एम., सूर्यास्त - 07:17 पी.एम., चंद्रोदय - 12:16 ए.एम. (08 जून), चंद्रास्त - 11:14 ए.एम.
  • शुभ मुहूर्त (अभिजीत): सुबह 11:52 ए.एम. से दोपहर 12:47 पी.एम. तक।
  • राहुकाल (अशुभ समय): शाम 05:32 पी.एम. से शाम 07:16 पी.एम. तक।
  • विशेष: भद्रा (दोपहर 03:07 पी.एम. तक), पञ्चक, द्विपुष्कर योग, रवि योग, आडल योग और अधिक भानु सप्तमी।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Adhik Maas Daan List 2026: अधिक मास में इन चीजों का दान चमका देगा आपकी सोई हुई किस्मत

Adhik Maas 2026 Daan List: हिंदू धर्म में अधिक मास का बहुत अधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। इस साल 2026 में अधिक मास 17 मई 2026 दिन रविवार से शुरू होकर 15 जून 2026 दिन सोमवार तक रहने वाला है। इस पूरे महीने को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, जो पूरी तरह से भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित है। शास्त्रों में बताया गया है कि इस पवित्र महीने में किए गए दान, पुण्य और पूजा-पाठ का फल सामान्य दिनों की तुलना में 10 गुना से लेकर करोड़ों गुना अधिक मिलता है। अगर आप भी इस महीने में भगवान विष्णु की कृपा पाना चाहते हैं, तो अपनी योग्यता के अनुसार कुछ विशेष चीजों का दान जरूर करें। आइए जानते हैं कि अधिक मास में किन चीजों का दान सबसे उत्तम माना गया है।   अधिक मास में दान का धार्मिक महत्व क्या है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास को पहले 'मलमास' या उपेक्षित महीना माना जाता था, क्योंकि इसका कोई स्वामी ग्रह नहीं था। तब भगवान विष्णु ने इस महीने को अपना नाम 'पुरुषोत्तम' दिया और वरदान दिया कि जो भी इस महीने में निष्काम भाव से दान-पुण्य या दीपदान करेगा, उसके जीवन के सभी कष्ट दूर ...

वट सावित्री व्रत 2026: 16 मई को है व्रत, जानें पूजा का सबसे उत्तम शुभ मुहूर्त, सामग्री लिस्ट और विधि

Vat Savitri Vrat 2026  हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री व्रत का बहुत बड़ा और पवित्र महत्व है। यह व्रत हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को रखा जाता है। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना के लिए यह कठिन व्रत रखती हैं। इस वर्ष वट सावित्री व्रत पर बेहद शुभ संयोग बन रहे हैं। आइए जानते हैं साल 2026 में वट सावित्री व्रत की सही तारीख, पूजा का सबसे उत्तम शुभ मुहूर्त और संपूर्ण विधि विधान। वट सावित्री व्रत 2026 की सही तिथि  पंचांग के अनुसार, इस साल ज्येष्ठ अमावस्या की तिथि को लेकर थोड़ा भ्रम हो सकता है, लेकिन उदयातिथि के नियमों के अनुसार व्रत 16 मई 2026, शनिवार को ही रखा जाएगा। अमावस्या तिथि का प्रारंभ: 16 मई 2026 को सुबह 05:11 मिनिट से। अमावस्या तिथि का समापन: 16 मई 2026 को ही देर रात 01:30 मिनिट तक। पूजा के लिए सबसे उत्तम शुभ मुहूर्त 16 मई को वट वृक्ष की पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, लेकिन सबसे उत्तम समय हम आप को बताएंगे जो इस प्रकार है। प्रातः काल का उत्तम मुहूर्त: सुबह 07:12 बजे से सुबह 08:24 बजे तक। अ...

आज का व्रत और त्योहार 17 मई 2026 पंचांग, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

आज 17 मई 2026, रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्योंकि हिंदू पंचांग के अनुसार आज से पवित्र अधिक मास यानी पुरुषोत्तम मास की शुरुआत हो रही है। यह पूरा महीना भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित माना जाता है। आइए जानते हैं आज का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और धार्मिक महत्व। आज कौन सा व्रत और त्योहार है? आज 17 मई 2026 से अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) प्रारंभ हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा, दान-पुण्य और मंत्र जाप करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। आज का पंचांग तिथि -  प्रतिपदा तिथि रात 09:40 बजे तक, इसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ। वार -  रविवार नक्षत्र -  कृत्तिका नक्षत्र रात 02:32 बजे तक, इसके बाद रोहिणी नक्षत्र। योग -  शोभन योग शाम 06:15 बजे तक, इसके बाद अतिगंड योग प्रारंभ। करण -  किंस्तुघ्न करण सुबह 11:36 बजे तक, इसके बाद बव करण। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्योदय: सुबह 05:29 बजे सूर्यास्त: शाम 07:06 बजे चंद्रोदय और चंद्रास्त चंद्रोदय: सुबह 05:30 बजे चंद्रास्त: शाम 07:58 बजे आज का शुभ मुहूर्त ब्र...